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मध्य प्रदेश की गृहिणी गीता सिंह गौर बनीं कौन बनेगा करोड़पति सीज़न 13 की तीसरी करोड़पति
अपनी दो लाइफलाइन्स के साथ गीता सिंह गौर ने पूरे आत्मविश्वास और सम्मान के साथ किया एक करोड़ रुपए के सवाल का सामना
मुंबई :- कहते हैं उम्र तो बस एक नंबर है, और कौन बनेगा करोड़पति 13 की कंटेस्टेंट गीता सिंह गौर ने इस कहावत को बिल्कुल सही साबित कर दिया है। ग्वालियर, मध्य प्रदेश की 53 वर्षीय गृहिणी गीता सिंह गौर, कौन बनेगा करोड़पति 13 की तीसरी करोड़पति बन गई हैं और इस तरह उन्होंने एक गृहिणी से जुड़ी तमाम बंदिशों को तोड़ दिया है। अपनी जिंदगी की दूसरी इनिंग्स को खुलकर जीने के उद्देश्य के साथ, इरादों की पक्की गीता ने अपनी एलएलबी डिग्री का प्रयोग करते हुए इसमें मेहनत की और इसकी प्रैक्टिस करती नजर आईं। इस प्रकार सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के इस बेहद खास शो को मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली मस्त-मिजाज गीता सिंह गौर के रूप में अपना तीसरा करोड़पति मिल गया।
गीता सिंह गौर एक महत्वाकांक्षी महिला हैं, जिन्हें बाइक चलाने में बहुत मजा आता है। वो जीप भी चलाती हैं, खेती करने का आनंद लेती हैं और साइकिल सीखना चाहती हैं। उन्होंने बीए और एमए की अपनी पढ़ाई की लेकिन एक रूढ़िवादी परिवार से होने के कारण वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकी थीं। अपनी शादी के 13 साल बाद अपने पति के समर्थन से उन्होंने सफलतापूर्वक अपनी एलएलबी की डिग्री पूरी कर ली। उन्होंने हमेशा यही महसूस किया है कि घरों में रहने वाली महिलाओं को अक्सर अपनी इच्छाओं को यूं ही जाने देना पड़ता है। लेकिन अपनी जिंदगी की दूसरी इनिंग्स में वे अपनी एलएलबी डिग्री का इस्तेमाल करते हुए इसकी प्रैक्टिस करना चाहती हैं। एक तेजतर्रार महिला, एक प्यारी गृहिणी जिसे जानवरों से बेहद प्यार है और जो अपनी एक मजबूत सोच रखती हैं, गीता सिंह गौर आज की महिला हैं, जो अपनी जिंदगी खुलकर जीने की चाहत रखती हैं।
सिद्धार्थ बसु के प्रति बेहद प्यार, सम्मान और आभार रखने वालीं गीता सिंह गौर, उन्हें अपना द्रोणाचार्य मानती हैं और खुद को उनकी एकलव्य मानती हैं और उन्हीं की वजह से वे इस शो में आई थीं। उन्हें सिद्धार्थ से मिलने की बड़ी तमन्ना है। इस शो में दो लाइफ लाइन्स के साथ एक करोड़ रुपए जीतना गीता के लिए एक बड़ी जीत थी। इस बारे में बताते हुए गीता सिंह गौर ने कहा, “मैं पिछले 16-17 सालों से केबीसी के प्रतिष्ठित मंच पर आने की कोशिश कर रही हूं और ये साल बहुत बढ़िया रहा क्योंकि अंततः मेरा सपना सच हो गया है। हॉट सीट का आप पर खासा प्रभाव रहता है, लेकिन यह एक शानदार अनुभव था। मैं यहां कोई उम्मीद लेकर नहीं आई थी, लेकिन एक करोड़ रुपए जीतना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने बहुत तैयारी की और मैं कई सालों से यह कर रही हूं। लेकिन इस साल जब मुझे कॉल आया और मुझे बताया गया कि मुझे चुन लिया गया है तो मैंने पूरे जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दीं। खाना पकाते हुए, खाते समय, सब्जी काटते समय, मैंने हर वक्त यह सुनिश्चित किया कि मैं काम के साथ-साथ कुछ जानकारी और ज्ञान भी हासिल करूं। इस मंच के जरिए मैं उम्मीद करती हूं कि मेरी तरह और भी महिलाएं, जो हाउसवाइफ या होममेकर्स हैं, वो भी अपने सपने पूरे करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा सकती हैं।”


